उभरते चमचे



काल उग्येड़ा बूंटा 

पर सुखा इंतजाम 
पाणी रेड़े धुड़ में
 कादो लेवे काम 
काचरा के बीज ज्यूं 
तिर तिर उंचा आवे 
डोका खांगा हुवे तो कोनी 
गढ़ खांगा बतावे 
मुंडो कर के छाछ ज्यूं
 लेवे लंबो नाम 
पाणी रेड़े धुड़ में
 कादो लेवे काम 
धोळा कुरता घाल गमछिया 
बळज्याणा डोळ देखावे 
बातां चमचम रसगुल्ला री 
मिरच्या लुखी खावे 
बिक्या बता के सामले ने 
खुद मांगे मोटा दाम 
पाणी रेड़े धुड़ में 
कादो लेवे काम 
बण्या फिरे ऐ क्रांतिकारी 
नास्यां उंची चढ़ावे 
दो रिपीया रो स्वांग कोनी 
चंदो घणो ले जावे 
दिन फिरे चमचा रे सागे 
रात ने भैरु धाम 
पाणी रेड़े धुड़ में 
कादो लेवे काम
मन में काडे दांत घणा
सामी सबरे कूके
चार इंच री उंदरी
सीधी मुंह पर थूके
थूक ने सुख्या टेम नी लागे
ए चाट के काडे नाम
पाणी रेड़े धूड़ में
कादो लेवे काम

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